मंगलवार, 1 जून 2010

अनुपम हिस्‍सा ....


मां की मुस्‍कान

पिता का गुस्‍सा

दोनो जीवन का है

अनुपम हिस्‍सा

वादे पिता के

सपने मां के

दोनो मिलकर

जीवन को

देते हैं आकार ।

5 टिप्‍पणियां:

  1. वाकई ये जीवन के हिस्सा हैं
    सुन्दर रचना

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  2. बिलकुल सही बात ...सुन्दर अभिव्यक्ति

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  3. एकदम सही बात, जीवन की पारिवारिक गाडी दोनों टायरों पर चलती है

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  4. waah!
    kitni sundar baat kahi...sundarta se hi....
    kunwar ji,

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