शुक्रवार, 21 अक्तूबर 2011

मौन होकर भी ....











खामोशी के साये
मुझे चारों ओर से
घेर लेते हैं जब
तो मेरी नजरें
तुम्‍हें खोजती हैं
मेरा मौन
तुम्‍हें पुकारता है
मेरा अन्‍तर्मन
रूदन करता है
उसकी सिसकियां
मुझे द्रवित करती हैं
तब लगता है
मैं तुम्‍हारा नाम लेकर
तुम्‍हें आवाज दूं
मेरी उस आवाज से
तुम्‍हें यकीन हो जाए
मेरी तड़प का
जो मौन होकर भी
बहुत कुछ कहती है .... !!!!

18 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत कुछ कह रही है ये रचना..

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  2. तुम्‍हें यकीन हो जाए
    मेरी तड़प का
    जो मौन होकर भी
    बहुत कुछ कहती है .... !!!!

    ....सच है मौन की आवाज ही अंतर्मन को झकझोर सकती है..बहुत सुन्दर भावपूर्ण अभिव्यक्ति...

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  3. सुन्दर प्रस्तुति |
    त्योहारों की यह श्रृंखला मुबारक ||

    बहुत बहुत बधाई ||

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  4. मौन की आवाज ....... सुन्दर भावपूर्ण अभिव्यक्ति !

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  5. तुम्‍हें यकीन हो जाए
    मेरी तड़प का
    जो मौन होकर भी
    बहुत कुछ कहती है ....

    मन को छूती हुई पंक्तियाँ ...

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  6. आपकी यह सुन्दर प्रस्तुति कल सोमवार दिनांक 24-10-2011 को चर्चामंच http://charchamanch.blogspot.com/ की भी शोभा बनी है। सूचनार्थ

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  7. बहुत सुन्दर भाव.... गहनाभिव्यक्ति...

    आपको दीप पर्व की सपरिवार सादर शुभकामनाएं

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  8. sundar kavitaa,
    kuchh manie bhee likhaa hai ,padhein

    तुम्हारी चुप्पी
    तुम्हारे ग़मों की कहानी
    कह रही है
    नहीं मिलने की मजबूरी
    तुम्हें खामोश रख रही है
    जब सुनने वाला ही नहीं
    कहने से फायदा भी क्या
    कह कर भी सहना है
    चुप रह कर भी सहना है
    जब मर मर कर जीना है
    निरंतर जुदा रहना है
    ग़मों को
    अमृत समझ कर पीना है
    इसके सिवाय
    कोई और चारा भी
    नहीं है
    24-10-2011
    1704-111-10-11

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  9. बहुत ही सुन्दर|
    मौन की आवाज सुनाई किसे पडती है, बाहर आते आते कुछ शब्द बदल जाते हैं, और कुछ समझ बदल जाते हैं, और डीएम तोड़ देती है आत्मा|



    दीवाली की हार्दिक शुभकामनायें!
    अँधेरे में प्रकाश फैले|
    chandankrpgcil.blogspot.com
    dilkejajbat.blogspot.com
    ekhidhun.blogspot.com
    पर कभी आइयेगा| मार्गदर्शन की अपेक्षा है|

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  10. दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें!

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  11. भावबद्ध उत्कृष्ट रचना, आपको और आपके परिवार को दीपावली की ढेरोँ शुभकामनाएँ।

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  12. बहुत ही मर्मस्पर्शी और भावुक रचना.

    दिवाली एवं नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें .

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  13. बहुत कुछ कहती सुन्दर रचना..

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  14. मेरी तड़प का
    जो मौन होकर भी
    बहुत कुछ कहती है ..मर्मस्पर्शी.

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  15. आपकी किसी नयी -पुरानी पोस्ट की हल चल कल 3 - 11 - 2011 को यहाँ भी है

    ...नयी पुरानी हलचल में आज ...

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  16. मेरा मौन
    तुम्‍हें पुकारता है .......

    bas yahin jadu kar gaye aap| bahut khoob !!

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